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छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र, 3 मार्च को बजट: 1 लाख 47 हजार 500 करोड़ से बड़ा होगा बजट, मंत्री-विधायक मैनेजमेंट सीखने जाएंगे विदेश

Chhattisgarh Assembly Session, Budget on March 3: छत्तीसगढ़ की साय सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी 3 मार्च को दोपहर 12.30 बजे दूसरा बजट पेश करेंगे। तैयारियां पूरी कर ली गई है। बीते साल वित्त मंत्री ने 1 लाख 47 हजार 500 करोड़ का बजट पेश किया था। माना जा रहा है कि इस बार बजट का आकार पिछले साल के मुकाबले बढ़ेगा।

इसे लेकर रविवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह भी बताया कि 24 फरवरी यानी आज से 21 मार्च तक चलने वाले इस बजट सत्र के दौरान मैनेजमेंट की ट्रेनिंग देने के लिए विधायक और मंत्रियों को रायपुर के IIM के अलावा लंदन और सिंगापुर के मैनेजमेंट इंस्टीट्यूशन में ट्रेनिंग के लिए भी भेजा जाएगा।

विधानसभा की नई बिल्डिंग का दौरा करने जाएंगी मंत्री विधायक

रमन सिंह ने बताया कि मैनेजमेंट इंस्टीट्यूशन में सरकार के मंत्री और विधायक सरकार चलाने के लिए मैनेजमेंट स्किल, बजट का सही इस्तेमाल, कम्युनिकेशन स्किल और पॉलिसी मेकिंग के तौर तरीकों को मैनेजमेंट गुरुओं से सीखेंगे। बजट सत्र के दौरान सोमवार को ही सभी विधायक और मंत्री नया रायपुर में बन रहे विधानसभा की नई बिल्डिंग का दौरा करने भी जाएंगे।

ऐसे चलेगी विधानसभा की कार्यवाही

विधानसभा की कार्यवाही को लेकर डॉक्टर रमन सिंह ने बताया कि 24 फरवरी से 21 मार्च तक के सत्र में कुल 17 बैठकें होंगी। पहले दिन सोमवार 24 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 25 फरवरी को साल 2024-25 के तीसरे अनुपूरक बजट की मांगों पर चर्चा होगी।

21 मार्च तक चलेगी सदन की कार्यवाही

रमन सिंह ने बताया कि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि की छुट्टी होगी। इसके बाद हर शनिवार-रविवार को छुट्टी होगी। बाकी दिन विधायकों के सवालों पर चर्चा होगी। 13 मार्च से लेकर 16 मार्च तक छुट्टी और होली के त्योहार की वजह से विधानसभा की कार्रवाई नहीं होगी। 17 मार्च से दोबारा सदन की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 21 मार्च तक चलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में मंत्रालय में बजट को लेकर मुख्यमंत्री ने बैठक ली थी। बैठक में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुपालन विभाग, ग्रामोद्योग, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

साथ ही सामान्य प्रशासन, उच्च शिक्षा विभाग, पर्यटन एवं संस्कृति, जन शिकायत निवारण, वाणिज्यिक कर (आबकारी), परिवहन, जनसंपर्क, खनिज साधन, विमानन, सुशासन एवं अभिसरण, ऊर्जा विभाग के बजट प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

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