ब्रेकिंग खबरें

छत्तीसगढ़राजनीतिस्लाइडर

अकबर की बात से विधायक दल की बैठक में सन्नाटा: पूर्व मंत्री बोले- हार की जिम्मेदारी केवल बैज की नहीं, Bhupesh और TS ने भी जताई सहमति

Akbar statement creates silence in the Legislature Party meeting: निकाय चुनाव में हार को लेकर विधायक दल की बैठक में पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि हार की जिम्मेदारी सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष की नहीं है, बल्कि यह सामूहिक हार है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा के बजट सत्र को लेकर विधायक दल की बैठक हुई।

सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि निकाय चुनाव में पार्टी के हर नेता ने अपने-अपने क्षेत्र में टिकट बांटे थे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट वितरण की प्रक्रिया में सभी नेताओं की भूमिका थी, जिसमें अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों की सूची भी प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। बैज ने बिना किसी बदलाव के सभी नामों को मंजूरी दे दी।

अकबर ने कहा, “हर नेता ने अपने-अपने प्रत्याशी उतारे थे, ऐसे में अगर हार होती है तो यह सामूहिक हार है। इसके लिए सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है।” बैठक में छाई खामोशी, फिर बनी सहमति

सूत्रों के अनुसार, जैसे ही मोहम्मद अकबर ने यह मुद्दा उठाया, बैठक में कुछ देर के लिए खामोशी छा गई। इसके बाद कुछ विधायकों ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि अगर राजधानी समेत पूरे प्रदेश में कांग्रेस चुनाव हारी है, तो इसकी जिम्मेदारी अकेले प्रदेश अध्यक्ष की नहीं, बल्कि पूरी पार्टी की है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक हुई, जिसमें वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

वरिष्ठ नेताओं ने भी जताई सहमति

बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव समेत ज्यादातर नेता अकबर से सहमत दिखे। उन्होंने माना कि टिकट वितरण में सबकी भूमिका रही है, इसलिए हार की जिम्मेदारी भी सामूहिक होनी चाहिए।

गौरतलब है कि नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराने की पार्टी के अंदर चर्चा चल रही थी, लेकिन इस बैठक में वरिष्ठ नेताओं के रुख के बाद अब हार की जिम्मेदारी साझा मानी जा रही है।

कांग्रेस उठाएगी महत्वपूर्ण मुद्दे

बैठक में विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई गई, महंत ने कहा कि कांग्रेस राज्य सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए जोरदार तरीके से आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा, सरकार पिछले बजट में किए गए वादों को लागू करने में विफल रही है। आवास योजना हो या अन्य योजनाएं, कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया।

महंत ने कहा कि आदिवासी छात्रावासों में छात्राओं के यौन शोषण की घटनाएं सामने आई हैं, जिस पर विपक्ष आक्रामक रहेगा। साथ ही नक्सलवाद, कानून व्यवस्था और कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ पुलिस की बदसलूकी जैसे गंभीर मुद्दे भी सदन में उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, सरकार झूठ के सहारे जनता और विपक्ष को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। विपक्ष विधानसभा के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर भी सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा।

स्थगन प्रस्ताव और विरोध की तैयारी

महंत ने कहा कि कांग्रेस बार-बार स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार पर दबाव बनाएगी और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। साथ ही सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की भी योजना है।

कांग्रेस की यह रणनीति आने वाले दिनों में राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ा सकती है। देखना दिलचस्प होगा कि बजट सत्र में सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है।

बजट को लेकर सवाल

  • कांग्रेस यह सवाल उठा सकती है कि क्या भाजपा सरकार के बजट में जनता के लिए ठोस योजनाएं हैं या यह केवल घोषणाओं तक सीमित रहेगा।
  • सरकार के वित्तीय प्रबंधन और खर्चों की प्राथमिकता पर भी कांग्रेस सवाल उठा सकती है।

केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग पर सवाल

  • कांग्रेस यह मुद्दा उठा सकती है कि केंद्र सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता में कटौती क्यों हो रही है।
  • केंद्रीय योजनाओं के लिए राज्य को कितना फंड मिला और वह सही तरीके से खर्च हुआ या नहीं, इस पर भी बहस हो सकती है

पूर्व मंत्रियों को भी बुलाया गया बैठक में

बैठक में कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जिससे वे अपने कार्यकाल के अनुभव साझा कर सकें और सरकार की कमियों को उजागर करने के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके। इससे कांग्रेस को सत्र में प्रभावी भूमिका निभाने में मदद मिलेगी।

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे, शिव कुमार डहरिया, ताम्रध्वज साहू, जयसिंह अग्रवाल, सत्यनारायण शर्मा, मोहम्मद अकबर, अमितेश शुक्ल, उमेश पटेल, अनिला भेड़िया मौजूद रहीं।

What's your reaction?

Related Posts